Monday, March 7, 2022

महिला दिवस 8.March.2022 पर विशेष

आज बड़ी बिंदी वाली 👩‍🏫, 🤭 उदारवादी  महिलाओं का दिन बड़े-बड़े कॉन्फ्रेंस में महिला अधिकारों के मुद्दे पर चर्चा करते हुए व्यतीत हो रहा होगा या होगा , या फिर वातानुकूलित कमरे में गर्म -गर्म सूप या कॉफी का सेवन करते साथ में महिला घरेलू हिंसा या सामाजिक शोषण जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रही होंगी की जा रही होगी! 

मेरे मन में एक प्रश्न है यह उदारवादी  महिलाएं क्या  इन्होंने अपने घर में काम करने वाली महिला को आज के दिन अवकाश दिया होगा?

सबसे पहले प्रात: से ही उससे घर का झाड़ू पोछा बर्तन का काम करवाया होगा या फिर उसको बोला होगा आज सुबह जल्दी आ जाना क्योंकि मुझे कॉन्फ्रेंस में या किसी पार्टी में जाना है क्योंकि आज महिला दिवस है !

900 चूहे खाकर बिल्ली चली हज को 😆

धिक्कार है तुझे एवं तेरी अंतरात्मा को महिला दिवस के नाम पर तू पार्टी कर रही है या महिला मुद्दों के नाम पर दिखावा एवं छलावा कर रही है, यह तेरा ही अंतरूप है  जिसके साथ तू ऐसा व्यवहार कर रही है तुझे महिला कहूं या राक्षसी तू तो अपनी परछाई भी नहीं पहचान पा रही है!
मैंने तो सुना है कि महिलाओं को सम्मान और प्यार देने को लेकर और उनके हौसलों को बुलंद करने और असमानता को कम  करने के लिए यह दिन काफी है लेकिन क्या हम यह कर पाते है स्वयं से अपनी अंतरात्मा से पूछना चाहिए..

इसलिए राह संघर्ष की हम चुने जिंदगी आंसुओं से नहाई  ना हो शाम  शहमी  ना हो , रात हो ना डरी भोर की आंख  फिर ढब Dabayi ना हो!

बड़े-बड़े कॉन्फ्रेंस में भाषण बाजी करना सिर्फ महिला मुद्दों पर बातें करना महिला दिवस नहीं होता है , महिला दिवस  यदि वास्तविकता में महिला दिवस मनाना ही है तो उसके लिए बुनियादी काम करने की आवश्यकता है जिससे उस  जरूरतमंद महिला को वास्तव में खुशी हो जिससे उसकी आत्मा खुश हो जाए !! 



विचारक 
पुष्पा जोशी 
8 March 2022 
11:00am 

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