Saturday, September 24, 2022

श्रद्धांजलि...Ankita ..

कितना दर्द कितनी पीड़ा हुई होगी तुझे जब तेरी आत्मा को तड़पाया होगा उन दरिंदों , भेड़ियों ने.   तू तो इतनी दूर से पहाड़ उतर कर ऋषिकेश आई थी कि  कुछ करूंगी जीवन में  लेकिन नियति को कुछ और मंजूर था , इन भेड़ियों ने तुझे जिंदा खा लिया बच्चे , तेरे साथ क्या-क्या हुआ वह तुझे और तेरी आत्मा को पता होगा तूने कितना  सहन किया होगा,  कितनी मजबूर रही होगी उस समय तू जब तेरे सामने यह तीन  भेड़िए खड़े होंगे.

तुझे जिंदा नहर में फेंका या मार कर फेंक  दिया वह तो हम नहीं जानते वह तो यह दरिंदे ही जानते होंगे.
तेरा बदला  रिजॉर्ट को  गिरा देने से नहीं लिया जा सकता बच्चे .

तुझे इंसाफ मिलेगा  या नहीं , या सिर्फ 1 सप्ताह हो हल्ला होगा फेसबुक व्हाट्सएप पर लोग अपने अपने विचार रखेंगे और चिल्लाएंगे ,भाषण बाजी पेपर बाजी होगी उसके बाद फिर सब ठंडे बस्ते में चला जाएगा .

सबूत मिटाने के लिए रिजॉर्ट को ढहा दिया गया तुझे न्याय मिलने में पता नहीं कितने वर्ष लग जाएंगे बेटा यही इस समाज और न्यायिक प्रक्रिया का सिस्टम है ! 

जो भी इस घटना कुकृत्य को सुन रहा है वह  मौन हो जा रहा है , लेकिन हम कुछ कर नहीं पा रहे हैं सिर्फ 2 मिनट के लिए चुप जैसे हो जा रहे हैं, मन के अंदर बहुत क्रोध उत्पन्न हो रहा है लेकिन हम तेरे न्याय के लिए सरकार की ओर और हमारे न्यायिक प्रक्रिया  का मुंह देख रहे हैं .

अंकिता बच्चे तू जहां भी है ऐसे भयंकर दरिंदों को पनपने मत देना बेटा ...इस धरती पर  पुनः जन्म लेना और किसी न किसी रूप में अपना बदला अवश्य लेना ...

तेरे मां पिताजी पर क्या गुजर रही होगी बेटा उनका दुख तो कोई जान ही नहीं सकता उनकी पीड़ा कोई समझ ही नहीं सकता...

माफ करना हम सबको क्योंकि हम ऐसे समाज का हिस्सा है...
ऐसे दरिंदे अचानक पैदा नहीं होते हैं उनको पैदा करने में बहुत लोगों का हाथ होता है...😭 

व्यथित मन से तुझे श्रद्धांजलि
Pushpa😭
24.9.2022 
2p.m.