इन रंगों में कोई भेद नहीं है, कभी किसी से कोई जान पहचान नहीं ,कभी कोई बातचीत नहीं फिर भी गुलाल लगाने के लिए उंगलियां स्वयं उठ जाती है इस समूह में 50% से भी ज्यादा लोग एक दूसरे को नहीं जानते हैं परंतु रंगोत्सव एक साथ.
Faith .
Pushpa Joshi
25.03.2024
23:7
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